Thursday, July 26, 2012

बारिश की बूंदे

नींद भरी आँखों से देखा
कोई दे रहा था दस्तक दरवाजे पर
उठ कर देखा ..
ये तो पहली बारिश की बूंदे थी
और खुश हो गया मन
मनचाहा मेहमान जो आया था
जो अपने संग ले आया था
सुनहरी सूरज की किरने
इन्द्रधनुष , सौंधी सी माटी की महक
सुहानी सी पुरवाई और
हरियाली में डूबी पूरी कायनात
खुले रहने दो दरवाजो को
और बहने दो मौसम को खुमारी से
ता उम्र .......
 

Friday, July 6, 2012

ख़त

वक़्त जो चला गया है तुम्हारे साथ का
उसे भी ख़त लिखा है
एक बार फिर लौट आने के लिए
देखते है
बदला वक़्त ख़त का मतलब जानता है
या उसे भी इ मेल करना पडेगा ...............
( पता है मुझे बिता हुआ वक़्त वापिस नहीं आता मगर यूँ ही ....)

Wednesday, June 6, 2012

ज़िन्दगी

आज बहुत उदास हुआ मन
जब तुमने कहा ......
ज़िन्दगी से डर लगता है
में सोचने लगा
में तो तुम्हे अपनी ज़िन्दगी मानता हूँ ....
और तुम्हारी नज़र में ज़िन्दगी क्या है ??

Tuesday, May 29, 2012

समझ


एक खाली कागज़ का टुकडा
थमा दिया तुमने मेरे हाथ
पहले तो में समझ नहीं पाया
क्योकि शब्द नज़र नहीं आ रहे थे उसमे
लेकिन महक रहा था कोना कोना और
दमक रहा था कोरा कागज़
फिर में समझा
तुमने अपनी ज़िन्दगी थमा दी है मुझे
और मुझे इसमें इन्द्रधनुष के रंगों से
रंगीन शब्द लिखने है हमारी ज़िन्दगी में ......
क्यों सही समझा ना में .....?

Friday, May 11, 2012

भ्रम

उसकी बातो के फूल
झरते  हुए बहुत खूबसूरत लग रहे थे
में निहार रहा था उन्हें अपलक -निरंतर
लेकिन जब दूरी कम हुई तो अहसास हुआ
ये फूल नहीं साबुन के बुलबुले है
जो पास आते ही बिखर गए और
दे गए चुभन आँखों में .................

Saturday, March 24, 2012

रूहानी प्रेम

वो राह जिस पर हम चले जा रहे थे


बहुत कांटो भरी थी ,

असहनीय दुःख दर्द का अहसास ,

तुम्हारी तकलीफ से बड़ा दर्द होता था मुझे

और अचानक राह में एक मोड़ आया

जहा से मुड़ गए हम नयी राह के लिए

जुदा होकर, जुदा हो गयी राहे

और अचानक इतने बरसो बाद

फिर मिल जायंगी राहे

सोचा ना था .

लेकिन रूह को सुकून मिला है

तुम्हारी ख़ुशी देख कर

और नाज़ हुआ मेरे रूहानी प्रेम पर .





Thursday, March 22, 2012

सारा सर्व कारिणी


वरद हस्त शक्ति तुम्हारा  मेरे सर पर सदा रहे
प्रेम पुण्य ,करुनामय  आँचल से सदा अमृत बरसता रहे /
गदा ,ढाल ,धनु ,चक्र ,खडग ,बाण कर में धारण करती
त्रिनयना ,अग्निस्वरूपा शरणागत का संकट हरती
लालिमा युक्त वस्त्र सर्व मंगल कारिणी
ईशान पत्नी ,आदि शक्ति  नमस्कार तुम्हे  नारायणी
सर्व सिद्धि  ,सर्व शक्ति , सारा सर्व कारिणी
भगवती ,अम्बिका भक्तो की आश्रय दायनी
सरस सुपावन शक्ति तुम ,सर्व जगत की स्वामिनी.