Thursday, April 4, 2013

सादगी बड़ी अपनी सी लगती है .......

जीवन में वो सादगी अच्छी लगती है
जब चाय माटी के कुल्हड़ में पी जाती है .......
वो सादगी सुहानी लगती है
जब गीली मिटटी से सौंधी महक आती है .............
वो सादगी मन को भाती है
जब खस की टाट पर पानी की बौछारे ठंडी हवाए लाती है ...
उस सादगी मन को सुकून देती है
जब बर्फ के गोले पर मीठी रसीली रबड़ी अपना स्वाद बिखेरती है
वो सादगी बड़ी सुरीली लगती है
जब एक बांस हवा से बजने लगते है और कान्हा की मुरली कहलाती है
सादगी बड़ी अपनी सी लगती है .......सादगी बड़ी ख़ूबसूरत सी लगती है

Friday, March 15, 2013

बचपन

उम्र बढ़ रही है पर बचपन नहीं जाता
या यु कहु की मैं उस बच्चे को भेजना नहीं चाहता
भूल जाउंगा खुद को गर वो चला गया
नादान हु खुद के सिवा कुछ सोचना नहीं चाहता
वो है तो जिद है कुछ कर गुजरने की
बड़प्पन में समझदारी है डर है कुछ किया नहीं जाता .
दिल के किसी कोने में बसी है आज भी तुम्हारी याद
बचपन के उस प्यार को मैं भुलाना नहीं चाहता .......

दोस्तों का साथ

ना जाने क्यों आज दिल में एक तन्हाई है
आज फिर उसी छत उसी शाम की याद आई है ..................
जब दिल की बाते कह कर बहला लेते थे एक दूजे को
अब कहा वो बाते , वो फ़ुर्सते , वो दिन
अब तो जिम्मेदारिया जान पर बन आई है .....................
तब ना आज की फ़िक्र थी ना कल की चिंता
बाते सिर्फ दिल की , सिर्फ खवाबो की
अब तो जीने में हर पल तिकड़म लगायी है ............
शाम की सुहानी हवा के मज़े तो तब थे
जब था दोस्तों का साथ और एक दूजे के लिए हम सब थे
अब है मीलो की दुरिया क्यों आँख भी आज भर आई है

Monday, February 11, 2013

उसका साथ

वो मेरे हौसले को बहकने नहीं देती


सामने है मंजिल कहकर रुकने नहीं देती





जी भर के जी लो ज़िन्दगी का हर पल

कहती है रुक गए तो ज़िन्दगी फिर चलने नहीं देती





यु तो एकेले भी है इस दुनिया को जीतने का दम

उसका हाथ गर हाथ में हो तो ज़िन्दगी हारने नहीं देती

सौगात

सुखी रेत पर पानी की कोई बूँद गिरी


तुमसे मिल कर ये रूह कुछ इस तरह खिली



वादियों में फूल खिलने लगे कुछ इस तरह

नूर की बूँद इन जड़ो को जैसे आज मिली



मोहब्बत के फ़रिश्ते बन कर तुम ऐसे आये हो

अँधेरी रात को सितारों की जैसे सौगात मिली

Monday, February 4, 2013

मैं और तुम

जैसे
मंजिल की राहे
सागर का किनारा
धुप और छाँव
बारिश और बादल
चन्दन और पानी
सावन के झूले
दिन और रात
रोशनी और चिराग
आस और विश्वास
माटी की सुगंध
फूलो की खुशबू
ईश्वर की प्रार्थना
इन्द्रधनुष के रंग
वैसे ही
मैं और तुम

कुछ हाइकु -

कुछ हाइकु -
सुखा गुलाब
पुरानी डायरी में
बिखरी यादे
यादो का गीत
जीवन का संगीत
तुम्हारी याद
दिल की बात
तुम अगर साथ
क्या हो बात